त्याग – पत्र | Tyag-patra

त्याग – पत्र | Tyag-patra

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किताब का नाम/Name of Book :

त्याग – पत्र | Tyag-patra

लेखक/Author of Book: जैनेन्द्र कुमार – Jainendra Kumar
भाषा/Language of Book : हिन्दी | Hindi
पेज/Total pages in ebook: 118
साइज/Size of Ebook: 3.19 MB
श्रेणी: उपन्यास / Upnyas-Novel

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वह मेरे सामनेसे होकर श्रपने कमरेमें चली गई। जाते जाते द्वारपर रुकीं और जोरसे हाथके बेंतकी दालानमें फेंक दिया | बेंत मेरे पास श्राकर गिर गया । मेरी छुछ भी समझमें न श्रा रहा था । मैं सकपकाया-सा खड़ा था । थोड़ी देर वाद में साहसपूर्वक उस कोठरीमे गया। देखता क्या हूँ कि वहाँ घुभ्ा ओऔधी डइुई पढ़ी है । उनकी साड़ी इधर उधर हो गई है श्रौर बदनका कपड़ा वेहृद मारसे भीना हो गया है ) जगह-जगह नील उभर है । कहीं- कहीं लट्ठू भी छुलक श्राया है | चुद गुम-सुम पढ़ी है । न रोती हैं, न सुबकती हैं । वाल बिखेरे है श्रौर घरतापर पढ़ी दोनों वॉहोंपर माथा टिका है । मुझे वहों थोड़ी देर खड़ा रहना भी असद्य हो गया । मुमसे कुछ भी नहीं बोला गया | घुश्माके गलेसे लगकर में वहाँ थोड़ा रा लेता तो ठाक होता । 

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